नए साल के पहले महीने में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो लाइन की शुरुआत हो चुकी है. अब यात्री नोएडा से ग्रेटर नोएडा का सफर मेट्रो से कर सकेंगे. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो लाइन को हरी झंडी दिखाई. मेट्रो की इस लाइन को एक्वा लाइन कहा जाता है. यह नोएडा सेक्टर 51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक जाएगी.
29.7 किलोमीटर लंबी एक्वा लाइन पर 21 स्टेशन हैं, जिनमें से 15 नोएडा और 6 ग्रेटर नोएडा में हैं. सीएम योगी केवल एक्वा लाइन ही नहीं, बल्कि 7 प्रोजेक्ट्स के लोकार्पण के साथ ही 3 नए प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. एक्वा मेट्रो लाइन को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'हमने 30 किमी लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया है. मैं इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करता हूं.'
उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश भारत के विकास का इंजन बनेगा. इस दौरान योगी ने पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होने कहा कि पिछली सरकार ने 2 साल में सिर्फ 8 किमी मेट्रो लाइन का निर्माण किया था. एक्वा लाइन के लिए जो स्मार्ट कार्ड एनएमआरसी ने एसबीआई के जरिए तैयार कराया है, वो उन्हीं को मिलेगा, जिसके पास इलेक्शन कार्ड, पासपोर्ट या फिर ड्राइविंग लाइसेंस होगा. नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो, दिल्ली से गाजियाबाद के नए बस अड्डे तक मेट्रो के उद्घाटन से बीजेपी 14 लोकसभा सीटों में एक अलग ही फिजा बनाना चाहती है.
इधर साहिबाबाद के हिंडन एयरफोर्स पर आम जनता के लिए हवाई सेवा भी अगले महीने शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है. जेवर में एयरपोर्ट का शिलान्यास भी लाइन में है. इससे पहले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे भी शुरू किया जा चुका है.
लाखों लोगों को होगा फायदा
माना यह जा रहा है कि इस लाइन के शुरू होते ग्रेटर नोएडा में आबादी में तेजी आएगी और वहां पड़े लाखों खाली फ्लैट्स भर सकेंगे. 21 मेट्रो स्टेशन के साथ इस पूरी लाइन की लंबाई 30 किलोमीटर है और इसे बनाने में कुल खर्च 5500 करोड़ रुपये का है. बता दें कि पहले इस लाइन की शुरुआत की चर्चा 25 दिसंबर को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिन पर थी, लेकिन उस वक्त भी पीएम मोदी और योगी आदित्यनाथ से वक्त नहीं मिल पाया था.
सरकारी उपलब्धि की इस सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन ने आज तक से कहा, "योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और राज्य के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए कोई काम नहीं किया है. हर जगह फर्जी मुठभेड़ हुई हैं और हमारी पार्टी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया है. सुप्रीम कोर्ट ने इन मुठभेड़ों पर भी सवाल उठाए हैं और अगर सीबीआई जांच का आदेश दिया जाता है, तो यूपी के सीएम और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को परेशानी होगी.”
उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा “राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है. राज्य में हत्याएं हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ों पर सवाल उठाए हैं. इसे सरकारी एचीवमेंट के रूप में हाइलाइट करने का मतलब है कि इस सरकार के पास दिखाने के लिए कोई विकास कार्य नहीं है."
Friday, January 25, 2019
Thursday, January 17, 2019
ट्रम्प के इस्तीफे की खबर के साथ देशभर में बिकीं वॉशिंगटन पोस्ट अखबार की नकली प्रतियां
वॉशिंगटन. अमेरिका में बुधवार सुबह लोगों को वॉशिंगटन पोस्ट अखबार की नकली प्रतियां मुफ्त में बांटी गईं। इसमें डोनाल्ड ट्रम्प के इस्तीफे की खबर फ्रंट पेज पर छपी थी। हालांकि, इससे पहले कि लोग समझ पाते कि यह फेक न्यूज फैलाने वाले लोगों का प्रपोगंडा है, यह खबर आग की तरह पूरे अमेरिका में फैल गई। सोशल मीडिया में यह खबर पेपर की फोटो के साथ तेजी से सर्कुलेट होने लगी।
इस खबर के वायरल होने के बाद वॉशिंगटन पोस्ट ने खुद सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि कुछ लोगों ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए अखबार की नकली प्रतियां छापकर बांटी हैं। अखबार ने लिखा, “हमें कुछ वेबसाइटों के बारे में पता है जो हमारी नकल करती हैं, लेकिन वह हमसे नहीं जुड़ी हैं। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।”
डिजाइन और साइज कर लिया कॉपी
अखबार की खास बात यह थी कि यह हर तरह से वॉशिंगटन पोस्ट जैसा ही था। डिजाइन और साइज में भी इसे बिल्कुल कॉपी बनाया गया। इसके फ्रंट पेज की हेडलाइन 6 कॉलम में थी और इसमें बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था- अनप्रेसिडेंटेड यानी ‘राष्ट्रपति पद से अपदस्थ।’ इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प की गुस्से में सिर झुकाए फोटो भी लगी थी। साथ ही नीचे लिखा था- ट्रम्प के जल्दबाजी में व्हाइट हाउस छोड़ने के साथ इमरजेंसी का अंत।
अखबार में बाईं तरफ लिखा था- ट्रम्प का दौर खत्म होने के साथ ही दुनियाभर में जश्न का माहौल। हालांकि, इसमें तारीफ 1 मई 2019 पड़ी थी, जिसे कुछ ने तो शुरुआत में ही पकड़ लिया, लेकिन बाकी इसे नहीं समझ पाए। चौंकाने वाली बात यह है कि अखबार की नकली प्रतियां व्हाइट हाउस के पास भी मुफ्त में बांटी जा रही थीं।
वायरल हुआ महिला के अखबार बांटने का वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला को व्हाइट हाउस के बाहर अखबार की नकली प्रतियां बांटते देखा जा सकता है। वह लोगों से इसे वॉशिंगटन पोस्ट का स्पेशल एडिशन बताते हुए मुफ्त में देती है। उसके पास एक बड़े प्लास्टिक बैग में अखबार भरे थे। वह अखबार को रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति को दे रही थी।
चांद पर नहीं डालेंगे प्रतिकूल असर
शाई का कहना है कि धीरे-धीरे पौधे और बीज चांद पर डिकम्पोज हो जाएंगे और इससे चांद के वातावरण पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "चांद पर पौधे उगाने का प्रयोग हमने पहली बार किया था और हमें इसका कोई अनुभव भी नहीं था कि चांद पर किस तरह का वातावरण होता है।
डिब्बे में भरकर चांद पर भेजे गए थे बीज
चीन के वैज्ञानिकों ने बताया था कि, रोवर चांगी-4 में पानी और मिट्टी से भरे एक डिब्बे को भेजा गया था जो 18 सेंटीमीटर का था। इस डिब्बे के अंदर कपास, आलू और सरसों के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाय के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे। इसके साथ ही इसमें दो छोटे कैमरे और एक हीट कंट्रोल सिस्टम भी था, ताकि बीज के अंकुरित होने की फोटो मिलती रहे।
इस खबर के वायरल होने के बाद वॉशिंगटन पोस्ट ने खुद सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि कुछ लोगों ने फर्जी खबरें फैलाने के लिए अखबार की नकली प्रतियां छापकर बांटी हैं। अखबार ने लिखा, “हमें कुछ वेबसाइटों के बारे में पता है जो हमारी नकल करती हैं, लेकिन वह हमसे नहीं जुड़ी हैं। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं।”
डिजाइन और साइज कर लिया कॉपी
अखबार की खास बात यह थी कि यह हर तरह से वॉशिंगटन पोस्ट जैसा ही था। डिजाइन और साइज में भी इसे बिल्कुल कॉपी बनाया गया। इसके फ्रंट पेज की हेडलाइन 6 कॉलम में थी और इसमें बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था- अनप्रेसिडेंटेड यानी ‘राष्ट्रपति पद से अपदस्थ।’ इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प की गुस्से में सिर झुकाए फोटो भी लगी थी। साथ ही नीचे लिखा था- ट्रम्प के जल्दबाजी में व्हाइट हाउस छोड़ने के साथ इमरजेंसी का अंत।
अखबार में बाईं तरफ लिखा था- ट्रम्प का दौर खत्म होने के साथ ही दुनियाभर में जश्न का माहौल। हालांकि, इसमें तारीफ 1 मई 2019 पड़ी थी, जिसे कुछ ने तो शुरुआत में ही पकड़ लिया, लेकिन बाकी इसे नहीं समझ पाए। चौंकाने वाली बात यह है कि अखबार की नकली प्रतियां व्हाइट हाउस के पास भी मुफ्त में बांटी जा रही थीं।
वायरल हुआ महिला के अखबार बांटने का वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला को व्हाइट हाउस के बाहर अखबार की नकली प्रतियां बांटते देखा जा सकता है। वह लोगों से इसे वॉशिंगटन पोस्ट का स्पेशल एडिशन बताते हुए मुफ्त में देती है। उसके पास एक बड़े प्लास्टिक बैग में अखबार भरे थे। वह अखबार को रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति को दे रही थी।
चांद पर नहीं डालेंगे प्रतिकूल असर
शाई का कहना है कि धीरे-धीरे पौधे और बीज चांद पर डिकम्पोज हो जाएंगे और इससे चांद के वातावरण पर कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा। उन्होंने कहा, "चांद पर पौधे उगाने का प्रयोग हमने पहली बार किया था और हमें इसका कोई अनुभव भी नहीं था कि चांद पर किस तरह का वातावरण होता है।
डिब्बे में भरकर चांद पर भेजे गए थे बीज
चीन के वैज्ञानिकों ने बताया था कि, रोवर चांगी-4 में पानी और मिट्टी से भरे एक डिब्बे को भेजा गया था जो 18 सेंटीमीटर का था। इस डिब्बे के अंदर कपास, आलू और सरसों के बीज के साथ-साथ फ्रूट फ्लाय के अंडे और यीस्ट भेजे गए थे। इसके साथ ही इसमें दो छोटे कैमरे और एक हीट कंट्रोल सिस्टम भी था, ताकि बीज के अंकुरित होने की फोटो मिलती रहे।
Wednesday, January 9, 2019
UPA के आधार का मास्टर माइंड नीलेकणी अब मोदी के कैशलेस ट्रांसफर के प्रभारी
पूर्व की यूपीए सरकार में आधार के मास्टर माइंड और इन्फोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी को केन्द्रीय रिजर्व बैंक के डिजिटल पेमेंट समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया है. आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल पेमेंट कमेटी समिति गठित की है. इस कमेटी में नीलेकणी समेत पांच सदस्य होंगे. कमेटी में नीलेकणी के अलावा पूर्व आरबीआई डिप्टी गवर्नर एच आर खान, विजया बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ किशोर सनसी, आईटी और स्टील मंत्रालय में पूर्व सचिव अरुणा शर्मा और आईआईएम अहदाबाद के चीफ इनोवेशन ऑफिसर संजय जैन शामिल हैं.
क्या होगा काम
कमेटी का काम देश में डिजिटल पेमेंट की मौजूदा स्थिति और इसकी खामियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना और इन समस्याओं को दूर करने के उपाय सुझाना है. इसके अलावा कमेटी डिजिटल पेमेंट के अधिक इस्तेमाल से अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन में तेजी लाने के लिए क्रॉस कंट्री एनालिसिस भी करेगी. यह कमेटी पहली बैठक के 90 दिनों के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
कौन हैं नंदन नीलेकणी
बता दें कि देश की दूसरी बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इन्फोसिस ने 2017 में नंदन नीलेकणी को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त किया था. आधार परियोजना को लेकर चर्चा में रहे नीलेकणी मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे. उसके बाद वह केंद्र सरकार के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई के प्रमुख बनाये गये.नीलेकणी 2014 में कांग्रेस के टिकट पर बंगलूरु की साउथ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, उन्हें भाजपा के अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था. वे 2015 से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं.
कैग ने सुझाव दिया है कि प्रावधान नियमों का इंपोर्टर अनुचित लाभ नहीं ले सकें, इसके लिए सेंट्रल इनडायरेक्ट टैक्स और सीमा शुल्क बोर्ड को इनकी समीक्षा करनी चाहिए. कार्गो को छोड़ने की छूट सिर्फ विरले मामलों में ही दी जानी चाहिए.
भारतीय मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से बढ़त देखी गई. रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 15 पैसे की बढ़त के साथ 70.05 पर खुला. पिछले सत्र में रुपये में कमजोरी आई थी, जिसकी मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी रही है. कमोडिटी विश्लेषक बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी आने से भारत में तेल आयात के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होगी, इसलिए रुपये पर दबाव आया, हालांकि पिछले सत्र के मुकाबले रुपया थोड़ा संभला है.
उधर, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचकांक डॉलर इंडेक्स बुधवार को फिर 0.11 नीचे फिसलकर 95.377 के स्तर पर आ गया. दरअसल, इन छह मुद्राओं के समूह में सबसे अधिक भारांक वाली मुद्रा यूरो और आस्ट्रेलियन डॉलर व ब्रिटिश पौंड में डॉलर के मुकाबले मजबूती रही, जबकि जापानी येन में कमजोरी दर्ज की गई.
क्या होगा काम
कमेटी का काम देश में डिजिटल पेमेंट की मौजूदा स्थिति और इसकी खामियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना और इन समस्याओं को दूर करने के उपाय सुझाना है. इसके अलावा कमेटी डिजिटल पेमेंट के अधिक इस्तेमाल से अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन में तेजी लाने के लिए क्रॉस कंट्री एनालिसिस भी करेगी. यह कमेटी पहली बैठक के 90 दिनों के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
कौन हैं नंदन नीलेकणी
बता दें कि देश की दूसरी बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इन्फोसिस ने 2017 में नंदन नीलेकणी को कंपनी का चेयरमैन नियुक्त किया था. आधार परियोजना को लेकर चर्चा में रहे नीलेकणी मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे. उसके बाद वह केंद्र सरकार के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यूआईडीएआई के प्रमुख बनाये गये.नीलेकणी 2014 में कांग्रेस के टिकट पर बंगलूरु की साउथ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, उन्हें भाजपा के अनंत कुमार से हार का सामना करना पड़ा था. वे 2015 से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं.
कैग ने सुझाव दिया है कि प्रावधान नियमों का इंपोर्टर अनुचित लाभ नहीं ले सकें, इसके लिए सेंट्रल इनडायरेक्ट टैक्स और सीमा शुल्क बोर्ड को इनकी समीक्षा करनी चाहिए. कार्गो को छोड़ने की छूट सिर्फ विरले मामलों में ही दी जानी चाहिए.
भारतीय मुद्रा रुपये में डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से बढ़त देखी गई. रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले पिछले सत्र से 15 पैसे की बढ़त के साथ 70.05 पर खुला. पिछले सत्र में रुपये में कमजोरी आई थी, जिसकी मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी रही है. कमोडिटी विश्लेषक बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में तेजी आने से भारत में तेल आयात के लिए ज्यादा डॉलर की जरूरत होगी, इसलिए रुपये पर दबाव आया, हालांकि पिछले सत्र के मुकाबले रुपया थोड़ा संभला है.
उधर, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचकांक डॉलर इंडेक्स बुधवार को फिर 0.11 नीचे फिसलकर 95.377 के स्तर पर आ गया. दरअसल, इन छह मुद्राओं के समूह में सबसे अधिक भारांक वाली मुद्रा यूरो और आस्ट्रेलियन डॉलर व ब्रिटिश पौंड में डॉलर के मुकाबले मजबूती रही, जबकि जापानी येन में कमजोरी दर्ज की गई.
Tuesday, January 1, 2019
बुलंदशहर: इंस्पेक्टर सुबोध सिंह को कुल्हाड़ी मारने वाला गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले के में एक और आरोपी कलवा को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि कलवा वही शख्स है जिसने हिंसा फैलने के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर कुल्हाड़ी से वार किया था. कलवा हिंसा के दौरान मुख्य आरोपी प्रशांत नट के साथ मौके पर मौजूद था. उसे स्याना पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है.
इसके पहले पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर गोली चलाने के मुख्य आरोपी प्रशांत नट को भी गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे सीजेएम कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
मालूम हो कि प्रशांत ने इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनकर उनकी आंख के पास गोली मारी थी, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के दो चश्मदीदों ने भी इंस्पेक्टर को गोली मारने में प्रशांत की पहचान की थी. वहीं, एसआईटी अब भी इस मामले से जुड़े कई अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है.
कैसे हुई थी इंस्पेक्टर की हत्या...
प्रशांत ने खुलासा किया था कि हिंसा के दिन इंस्पेक्टर पहले घायल हो गए थे, क्योंकि पत्थरों से उन पर हमला किया गया था. हिंसा में मारे गए सुमित ने कई लोगों के साथ इंस्पेक्टर को खेत में दौड़या था. इसके जवाब में इंस्पेक्टर ने फायर किया तो गोली सुमित को जा लगी. उसके बाद इंस्पेक्टर को पीछे से प्रशांत ने पकड़ा और फिर उन्हीं की पीस्टल छीन कर गोली मार दी थी, पुलिस ने प्रशांत को गिरफ्तार करने के बाद घटना की जगह ले जाकर सीन को रिक्रिएट भी किया है.
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर के माह में बुलंदशहर के चिंगरावटी पुलिस चौकी पर भीड़ की हिंसा के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. भीड़ के इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा एक अन्य युवक की मौत हो गई थी. इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है. एसआईटी की टीम हिंसा की घटना की जांच कर रही है.
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और 'हिटमैन' रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नए साल पर 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे. रविवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया पर जीत के साथ भारत चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से बढ़त बना चुका है. दरअसल, रोहित शर्मा और रीतिका सहदेह के घर नन्ही पारी आई है. रोहित की वाइफ रीतिका ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है.
रोहित भारत के लिए रवाना हो गए. हालांकि रोहित 8 जनवरी को वापस ऑस्ट्रेलिया आ जाएंगे. वनडे के उप-कप्तान रोहित कंगारुओं के खिलाफ 12 जनवरी से शुरू होने वाली 3 वनडे की सीरीज में खेलेंगे. BCCI ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है. साथ ही दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने रोहित को पिता बनने पर बधाई दी है.
रोहित की जगह सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्हें बीसीसीआई ने आखिरी दो टेस्ट के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में चुना था. हार्दिक पंड्या शानदार फॉर्म में हैं और काफी समय बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे हैं.
बता दें कि रोहित शर्मा और रितिका की शादी 13 दिसंबर 2015 को हुई थी. रोहित ने वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया की टेस्ट टीम में वापसी की थी. रोहित के लिए साल 2018 बेहद शानदार रहा. इस दौरान उन्होनें वन डे क्रिकेट में 73.57 की औसत से कुल 1030 रन बनाए. जबकि टी 20 में 36.87 की औसत से कुल 590 रन बनाए. इसमें दो शतक भी शामिल हैं.
इसके पहले पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर गोली चलाने के मुख्य आरोपी प्रशांत नट को भी गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे सीजेएम कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.
मालूम हो कि प्रशांत ने इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीनकर उनकी आंख के पास गोली मारी थी, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के दो चश्मदीदों ने भी इंस्पेक्टर को गोली मारने में प्रशांत की पहचान की थी. वहीं, एसआईटी अब भी इस मामले से जुड़े कई अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है.
कैसे हुई थी इंस्पेक्टर की हत्या...
प्रशांत ने खुलासा किया था कि हिंसा के दिन इंस्पेक्टर पहले घायल हो गए थे, क्योंकि पत्थरों से उन पर हमला किया गया था. हिंसा में मारे गए सुमित ने कई लोगों के साथ इंस्पेक्टर को खेत में दौड़या था. इसके जवाब में इंस्पेक्टर ने फायर किया तो गोली सुमित को जा लगी. उसके बाद इंस्पेक्टर को पीछे से प्रशांत ने पकड़ा और फिर उन्हीं की पीस्टल छीन कर गोली मार दी थी, पुलिस ने प्रशांत को गिरफ्तार करने के बाद घटना की जगह ले जाकर सीन को रिक्रिएट भी किया है.
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर के माह में बुलंदशहर के चिंगरावटी पुलिस चौकी पर भीड़ की हिंसा के बाद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई थी. भीड़ के इस हमले में इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा एक अन्य युवक की मौत हो गई थी. इस हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 22 लोगों को गिरफ्तार किया है. एसआईटी की टीम हिंसा की घटना की जांच कर रही है.
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और 'हिटमैन' रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नए साल पर 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे. रविवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया पर जीत के साथ भारत चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से बढ़त बना चुका है. दरअसल, रोहित शर्मा और रीतिका सहदेह के घर नन्ही पारी आई है. रोहित की वाइफ रीतिका ने एक प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है.
रोहित भारत के लिए रवाना हो गए. हालांकि रोहित 8 जनवरी को वापस ऑस्ट्रेलिया आ जाएंगे. वनडे के उप-कप्तान रोहित कंगारुओं के खिलाफ 12 जनवरी से शुरू होने वाली 3 वनडे की सीरीज में खेलेंगे. BCCI ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है. साथ ही दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड ने रोहित को पिता बनने पर बधाई दी है.
रोहित की जगह सिडनी में शुरू हो रहे आखिरी और निर्णायक टेस्ट मैच में ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्हें बीसीसीआई ने आखिरी दो टेस्ट के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वॉड में चुना था. हार्दिक पंड्या शानदार फॉर्म में हैं और काफी समय बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे हैं.
बता दें कि रोहित शर्मा और रितिका की शादी 13 दिसंबर 2015 को हुई थी. रोहित ने वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया की टेस्ट टीम में वापसी की थी. रोहित के लिए साल 2018 बेहद शानदार रहा. इस दौरान उन्होनें वन डे क्रिकेट में 73.57 की औसत से कुल 1030 रन बनाए. जबकि टी 20 में 36.87 की औसत से कुल 590 रन बनाए. इसमें दो शतक भी शामिल हैं.
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