मोबाइल फोन अब लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. दिन भर में कई घंटे स्मार्टफोन पर बिताए जा रहे हैं. कोकाकोला की एक कंपनी विटामिन वॉटर ने फोन न यूज करने पर ईनाम देने का ऐलान किया है. ये कंपनी 1 लाख डॉलर यानी लगभग 72 लाख रुपये तक का ईनाम दे सकती है.
इस अमेरिकी कंपनी की शर्त ये है कि आपको ये प्राइज जीतने के लिए बिना स्मार्टफोन के रहना होगा. ये कंपनी स्क्रॉल फ्री कॉन्टेस्ट चला रही है जिसका मकसद लोगों को स्मार्टफोन की लत छुड़ाना है. हालांकि आपको इस प्राइज को पाने के लिए एक दो दिन नहीं, बल्कि पूरे एक साल बिना स्मार्टफोन के रहना होगा.
इसके लिए एंट्री ली जा रही है जो 8 जनवरी 2019 तक चलेगी. एंट्री पाने के लिए क्रिएटिव ट्वीट या इंस्टाग्राम पोस्ट करना होगा. शॉर्ट लिस्ट होने के बाद एक साल तक बिना स्मार्टफोन के रहना होगा.
ऐसा नहीं है कि आप किसी को कॉल नहीं कर पाएंगे या कम्यूनिकेशन खत्म होगा. इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने वाले लोगों को 1996 एरा का फोन दिया जाएगा जो फीचर फोन है. जाहिर है इसमें न तो इंटरनेट चलेगा न ही आप वीडियोज या गाने सुन पाएंगे. इससे सिर्फ कॉल कर सकेंगे. हालांकि एक छूट दी गई है कैंडिडेट्स इस दौरान डेस्कटॉप कंप्यूटर या लैपटॉप यूज कर सकते हैं. अगर चाहें तो गूगल होम और ऐलेक्सा डिवाइस भी यूज कर सकते हैं. लेकिन मोबाइल और टैबलेट नहीं यूज करना है.
इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने के लिए या जीतने के लिए पहले तो आपको एक ट्वीट या इंस्टाग्राम पोस्ट करना होगा जिसमें NoPhoneforaYear हैशटैग के साथ ये बताना होगा कि आप बिना स्मार्टफोन के एक साल कैसे बिताएंगे.
संभावना ये भी है कि अगर आप 6 महीने भी अपने स्मार्टफोन के बिना बिता सकते हैं तो कंपनी इसके लिए आपको 10 हजार डॉलर यानी लगभग 7.2 लाख रुपये दे सकती है.
कंपनी का कहना है कि लोगों की एंट्री लेने के लिए तीन प्वॉइंट्स जज किए जाएंगे. इनमें क्रिएटिविटी, ऑरिजनैलिटी और ह्यूमर शामिल है. जिस सब्मिशन ने हाई स्कोर किया वो जीतेगा.
एक साल तक आपने फोन यूज नहीं किया है ये कंपनी को कैसे पता चलेगा?
यह पता लगाने के लिए कि आपने एक साल तक स्मार्टफोन को न तो छुआ है और न ही यूज किया है. कंपनी लाई डिटेक्टर टेस्ट करेगी जो कॉन्टेस्ट के आखिर में होगा. अगर लाइ डिटेक्टर टेस्ट पास कर गए तो प्राइज मिलेगा वर्ना फेल.
Tuesday, December 18, 2018
Friday, December 14, 2018
कुंभ के लिए रेलवे ने कमर कसी, 800 स्पेशल गाड़ियां चलाने का ऐलान
रेलवे ने अगले साल जनवरी में प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के लिए 41 परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनपर 700 करोड़ रुपये की लागत आएगी. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि 41 परियोजनाओं में से 29 पूरी हो चुकी हैं. अन्य अंतिम चरण में हैं तथा जल्द पूरी होने वाली हैं.
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इलाहाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन पर चार बड़े अहातों का निर्माण किया गया है जिनमें 10,000 तीर्थयात्रियों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं. इनमें वेडिंग स्टॉल, पानी के बूथ, टिकट काउंटर, एलसीडी टीवी, सीसीटीवी, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग शौचालय होंगे. इसी तरह से अन्य स्टेशनों पर भी यात्री अहाते बनाए गए हैं.
कुंभ मेले के दौरान मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए प्रयागराज जिले के विभिन्न स्टेशनों से करीब 800 विशेष ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है. यह ट्रेनें एनसीआर की ओर से चलाई जाने वाली नियमित ट्रेनों से अलग होंगी. सभी यात्रियों के पास टिकट सुविधाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज के स्टेशनों पर 100 अतिरिक्त अनारक्षित टिकट काउंटर खोले जा रहे हैं.
रेलवे की 5000 ‘प्रवासी भारतीयों’को इलाहाबाद से नई दिल्ली ले जाने के लिए चार-पांच विशेष ट्रेनें चलाने की योजना है. ये प्रवासी भारतीय वाराणसी में होने वाले 'प्रवासी भारतीय दिवस' में शिरकत करने जाएंगे और वाराणसी से कुंभ मेले में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद जाएंगे.
चौधरी ने बताया कि रेलवे, मेले के दौरान इस पवित्र शहर में यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समेत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने कहा कि आईबीएम भीड़ नियंत्रण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर वीडियो विश्लेषण सेवा प्रदान करेगा जबकि स्थिति पर नजर रखने के लिए बड़ी संख्या में शक्तिशाली सीसीटीवी कैमरे होंगे और सूचनाएं प्रदर्शित करने के लिए कई एलईडी स्क्रीन होंगी.
विशेष मामले के तौर पर रेल मंत्रालय ने यह फैसला किया है कि इलाहाबाद क्षेत्र में पड़ने वाले 11 स्टेशनों से अनारक्षित रेलवे टिकटों की 15 दिन पहले से बुकिंग की इजाजत दी जाएगी. इलाहाबाद में उत्तर मध्य रेलवे ने 'रेल कुंभ सेवा मोबाइल एप्प' का भी शुभारंभ किया है.
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि इलाहाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन पर चार बड़े अहातों का निर्माण किया गया है जिनमें 10,000 तीर्थयात्रियों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं. इनमें वेडिंग स्टॉल, पानी के बूथ, टिकट काउंटर, एलसीडी टीवी, सीसीटीवी, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग शौचालय होंगे. इसी तरह से अन्य स्टेशनों पर भी यात्री अहाते बनाए गए हैं.
कुंभ मेले के दौरान मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए प्रयागराज जिले के विभिन्न स्टेशनों से करीब 800 विशेष ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है. यह ट्रेनें एनसीआर की ओर से चलाई जाने वाली नियमित ट्रेनों से अलग होंगी. सभी यात्रियों के पास टिकट सुविधाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रयागराज के स्टेशनों पर 100 अतिरिक्त अनारक्षित टिकट काउंटर खोले जा रहे हैं.
रेलवे की 5000 ‘प्रवासी भारतीयों’को इलाहाबाद से नई दिल्ली ले जाने के लिए चार-पांच विशेष ट्रेनें चलाने की योजना है. ये प्रवासी भारतीय वाराणसी में होने वाले 'प्रवासी भारतीय दिवस' में शिरकत करने जाएंगे और वाराणसी से कुंभ मेले में हिस्सा लेने के लिए इलाहाबाद जाएंगे.
चौधरी ने बताया कि रेलवे, मेले के दौरान इस पवित्र शहर में यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समेत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने कहा कि आईबीएम भीड़ नियंत्रण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर वीडियो विश्लेषण सेवा प्रदान करेगा जबकि स्थिति पर नजर रखने के लिए बड़ी संख्या में शक्तिशाली सीसीटीवी कैमरे होंगे और सूचनाएं प्रदर्शित करने के लिए कई एलईडी स्क्रीन होंगी.
विशेष मामले के तौर पर रेल मंत्रालय ने यह फैसला किया है कि इलाहाबाद क्षेत्र में पड़ने वाले 11 स्टेशनों से अनारक्षित रेलवे टिकटों की 15 दिन पहले से बुकिंग की इजाजत दी जाएगी. इलाहाबाद में उत्तर मध्य रेलवे ने 'रेल कुंभ सेवा मोबाइल एप्प' का भी शुभारंभ किया है.
Tuesday, December 11, 2018
150 कर्मचारी, 4 हाथी, 3 जेसीबी ने घेरा बाघ, गन से इंजेक्शन देकर किया बेहोश, 10 दिन से थी दहशत
शहर में मौजूद बाघ दस दिन बाद वन विभाग की पकड़ में आया है। सारनी के राख डैम में 2 दिनों के मेगा ऑपरेशन में यह सफलता मिली। 4 हाथी, 3 जेसीबी और 150 से ज्यादा लोगों की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। सारनी में 1 दिसंबर को कोल हेंडलिंग प्लांट के पास बाघ दिखा था। 10 दिनों से बाघ की मौजूदगी से लोगों में दहशत थी।
नगर पालिका क्षेत्र में धारा 144 लागू थी। एसटीआर 8 दिन से रेस्क्यू कर रहा था। वन विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम का 2 दिनों से राख बांध में मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। सोमवार शाम 4.30 बजे टीम को बाघ को ट्रेंकुलाइजर करने में सफलता मिली। इंजेक्शन लगने के 15 मिनट बाद बाघ बेहोश हुआ। इसके बाद उसे पिंजरे में बंद कर दिया।
बांधवगढ़ में बाघ का शव मिला : उमरिया | बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सोमवार दोपहर पनपथा बफर जोन से 7 से 8 साल की उम्र के एक बाघ का शव मिला है। बाघ की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि शव के परीक्षण के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
इसके लिए 8 दिसंबर को वे पत्नी, बेटी व अन्य रिश्तेदारों के साथ पाली जाने के लिए जयपुर-हैदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एस-3 बोगी में सवार हुए। 9 दिसंबर को दोपहर 03:13 बजे ट्रेन बैरागढ़ स्टेशन पहुंची। दो मिनट यहां रुककर ट्रेन आगे बढ़ी। अब्बा राम ने बताया कि इस बीच ललिता बाथरूम जाने का कहकर बर्थ से उठी। पीछे-पीछे मां भी गई। बाथरूम से निकलकर ललिता दरवाजे के पास आकर खड़ी हो गई। खारखेड़ी के पास अचानक वह चलती ट्रेन से बाहर जा गिरी।
चेन-पुलिंग कर रुकवाई ट्रेन : अब्बा राम के मुताबिक बेटी के गिरने का पता चलते ही उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। सभी दौड़कर दो किमी पीछे गए। हादसे की सूचना पर खजूरी सड़क पुलिस भी आ गई। एएसआई श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि ग्राम खारखेड़ी के पीछे से गुजरने वाली लाइन पर ललिता का क्षतिग्रस्त शव अप-डाउन ट्रैक के बीच में पड़ा मिला। यहां ट्रेन हल्का मोड़ लेती है। जब हादसा हुआ, तब ट्रेन की रफ्तार करीब 110 किमी प्रतिघंटा रही होगी।
ट्रेन के टर्न हाेने पर तेजी से अंदर की ओर आती है हवा, हो सकता है हादसा
ये हादसा संत हिरदाराम नगर स्टेशन से 15 किमी दूर हुआ है, यानी उस वक्त ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में थी। जैसा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर ट्रेन हल्के टर्न पर थी। ऐसे में ट्रेन के गुजरने से उपजी हवा तेजी से खुले दरवाजे से अंदर की तरफ आती है। इस परिस्थिति में अभिकेंद्रीय बल उत्पन्न होता है, जो बगैर कोई सहारा लिए दरवाजे के पास खड़े व्यक्ति को बाहर की ओर ढकेल सकता है। ललिता के साथ हुआ हादसा भी ऐसी ही परिस्थिति में हुआ होगा। इसलिए रेलवे बोर्ड चलती ट्रेन में दरवाजे के पास खड़े न होने की सलाह देता है। - सीएस शर्मा, रेलवे एक्सपर्ट
नगर पालिका क्षेत्र में धारा 144 लागू थी। एसटीआर 8 दिन से रेस्क्यू कर रहा था। वन विभाग और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम का 2 दिनों से राख बांध में मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। सोमवार शाम 4.30 बजे टीम को बाघ को ट्रेंकुलाइजर करने में सफलता मिली। इंजेक्शन लगने के 15 मिनट बाद बाघ बेहोश हुआ। इसके बाद उसे पिंजरे में बंद कर दिया।
बांधवगढ़ में बाघ का शव मिला : उमरिया | बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सोमवार दोपहर पनपथा बफर जोन से 7 से 8 साल की उम्र के एक बाघ का शव मिला है। बाघ की मौत के कारणों की जांच की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि शव के परीक्षण के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
इसके लिए 8 दिसंबर को वे पत्नी, बेटी व अन्य रिश्तेदारों के साथ पाली जाने के लिए जयपुर-हैदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एस-3 बोगी में सवार हुए। 9 दिसंबर को दोपहर 03:13 बजे ट्रेन बैरागढ़ स्टेशन पहुंची। दो मिनट यहां रुककर ट्रेन आगे बढ़ी। अब्बा राम ने बताया कि इस बीच ललिता बाथरूम जाने का कहकर बर्थ से उठी। पीछे-पीछे मां भी गई। बाथरूम से निकलकर ललिता दरवाजे के पास आकर खड़ी हो गई। खारखेड़ी के पास अचानक वह चलती ट्रेन से बाहर जा गिरी।
चेन-पुलिंग कर रुकवाई ट्रेन : अब्बा राम के मुताबिक बेटी के गिरने का पता चलते ही उन्होंने चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाई। सभी दौड़कर दो किमी पीछे गए। हादसे की सूचना पर खजूरी सड़क पुलिस भी आ गई। एएसआई श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि ग्राम खारखेड़ी के पीछे से गुजरने वाली लाइन पर ललिता का क्षतिग्रस्त शव अप-डाउन ट्रैक के बीच में पड़ा मिला। यहां ट्रेन हल्का मोड़ लेती है। जब हादसा हुआ, तब ट्रेन की रफ्तार करीब 110 किमी प्रतिघंटा रही होगी।
ट्रेन के टर्न हाेने पर तेजी से अंदर की ओर आती है हवा, हो सकता है हादसा
ये हादसा संत हिरदाराम नगर स्टेशन से 15 किमी दूर हुआ है, यानी उस वक्त ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में थी। जैसा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर ट्रेन हल्के टर्न पर थी। ऐसे में ट्रेन के गुजरने से उपजी हवा तेजी से खुले दरवाजे से अंदर की तरफ आती है। इस परिस्थिति में अभिकेंद्रीय बल उत्पन्न होता है, जो बगैर कोई सहारा लिए दरवाजे के पास खड़े व्यक्ति को बाहर की ओर ढकेल सकता है। ललिता के साथ हुआ हादसा भी ऐसी ही परिस्थिति में हुआ होगा। इसलिए रेलवे बोर्ड चलती ट्रेन में दरवाजे के पास खड़े न होने की सलाह देता है। - सीएस शर्मा, रेलवे एक्सपर्ट
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